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जैसा कि आप जानते ही होंगे चीन से चलते घमासान के बीच चीनी सामानों का बहिष्कार किया जा रहा है। लोगों के मन में एंटी-चाइना सेंटीमेंट बन चुका है। केवल भारतीय उपभोक्ता ही नहीं बल्कि भारतीय सरकार ने भी बेहद लोकप्रिय चीनी एप्स को बैन करके अपनी मनोदशा साफ कर दी है। ( Xiaomi )

आश्चर्य की बात यह है कि चीन से हुए घमासान एवं भारतीय सरकार द्वारा चीन के विरोध में उठाए गए कई कदमों के बावजूद अभी भी भारत की नंबर-1 स्मार्टफोन निर्माता कंपनी एक चीनी कंपनी है।

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अभी भी No.1 की कुर्सी पर Xiaomi बरकरार

बेहद लोकप्रिय स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Xiaomi अभी भी भारत में नंबर-1 स्मार्टफोन निर्माता कंपनी है। यह बात सच है कि लोकडाउन के चलते भारतीय मार्केट में स्मार्टफोन की शिपमेंट में गिरावट आई है।

IDC की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय स्मार्टफोन बाजार में लोकडाउन के कारण स्मार्टफोन शिपमेंट में 50.6 % की गिरावट दर्ज की गई है। लेकिन ऐसा लगता है कि लॉकडाउन के बावजूद चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों पर कुछ ज्यादा असर नहीं पड़ा है।

IDC के ही मुताबिक साल 2020 के दूसरे क्वार्टर में शाओमी ने 5.4 मिलियन स्मार्टफोन यूनिट बेची है। इसके बाद यह स्पष्ट हो चुका है कि शाओमी अभी भी भारतीय स्मार्टफोन बाजार को लीड कर रही है।

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Samsung ने लगाई No.2 पर छलांग

बेहद लोकप्रिय चीनी स्मार्टफोन कंपनियां Oppo, Realme और खास तौर पर Vivo को पीछे छोड़कर Samsung में भारतीय मार्केट में Xiaomi के बाद नंबर 2 की कुर्सी पर अपना हक जमा लिया है। चीन से चलते विवाद के दौरान अनुमान लगाया जा रहा था कि सभी चीनी कंपनियों को पीछे छोड़कर सैमसंग भारतीय मार्केट में अपना दबदबा कायम कर लेगी।

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हालांकि ऐसा नहीं हुआ यह बात सही है कि सैमसंग ने भारतीय मार्केट में अपने कुछ किफायती स्मार्टफोन लॉन्च करकेें अपनी लोकप्रियता बढ़ाई है लेकिन अभी भी भारत में अधिकतर स्मार्टफोन चीनी कंपनियों के ही खरीदे जाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में खरीदे जाने वाले हर 5 स्मार्टफोन में से 4 स्मार्टफोन चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों के होते हैं।

क्या चीनी कंपनियों पर भविष्य में पड़ेगा असर

चीन से चलते विवाद के बावजूद भारत में चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों का ही दबदबा कायम है। हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स की मानें तो आने वाले समय में चीनी कंपनियों पर बहिष्कार की गाज गिर सकती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक चीनी कंपनियों पर बहिष्कार का डर अभी खत्म नहीं हुआ है।

जैसा कि आप जानते हैं अभी भी बॉर्डर पर चीन और भारत के बीच सुलह नहीं हुई है। ऐसे में दोनों ही देशों के सैनिक जबरदस्त तैयारी में जुटे हुए हैं। ऐसे में अगर दोनों देशों के बीच फिर से सीमाएं लांघी जाती है तो निश्चित तौर पर एक बार फिर से चीनी कंपनियों के विरुद्ध बहिष्कार की ज्वाला तेज हो सकती है।

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क्यों चीनी कंपनियां है सबसे आगे

खास तौर पर अगर स्मार्टफोन मार्केट की बात की जाए तो चीनी कंपनियों की लोकप्रियता सबसे ज्यादा है। सैमसंग, असुस और एप्पल जैसी कंपनियां किफायती कीमतों पर दमदार स्पेसिफिकेशंस नहीं दे पा रही है जो चीनी कंपनियां भारतीय यूजर्स को ऑफर कर रही है।

हालांकि, सैमसंग ने बीते कुछ समय में किफायती कीमत पर कुछ अच्छे स्मार्टफोन जरूर लॉन्च किए है जिसका लाभ सैमसंग को जरूर मिला है। सैमसंग, शाओमी के बाद दूसरी सबसे लोकप्रिय स्मार्टफोन कंपनी कही जा सकती है।

चीनी कंपनिया कम कीमत पर जबरदस्त ऑफरिंग देने के लिए जानी जाती है जिसका जवाब नॉन-चाइनीस कंपनी सैमसंग, असूस और एप्पल जैसी कंपनियों के पास अभी तो नजर नहीं आ रहा है। खासतौर पर बात अगर किफायती प्रोडक्ट की की जाए तो !

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