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Tiktok !

बेहद लोकप्रिय शॉर्ट वीडियो मेकिंग एप Tiktok की मुश्किलें दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है। पहले अचानक से भारत में बैन कर दिए जाने के बाद ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में भी इसे बैन करने की मांग की जा रही है। हाल ही में ट्रंप ने भी बयान दिया था कि बेहद जल्द अमेरिका में Tiktok को बैन किया जाएगा। इसी बीच अमेरिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट टिकटॉक को खरीदने पर विचार कर रही है।

जैसा कि आप जानते ही होंगे टिकटॉक पर सिक्योरिटी को लेकर सवाल खड़े होते रहे है। ऐसे में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने हाल ही में ट्रंप के साथ मुलाकात की थी जिसके बाद से अटकलें लगाई जाने लगी की सुरक्षा कारणों की वजह से टिकटॉक की पैरंट कंपनी बाईट डांस से टिकटॉक को माइक्रोसॉफ्ट के द्वारा खरीदा जा सकता है।

अमेरिका के साथ कुछ और देशों के लिए टिकटॉक को खरीद सकती है माइक्रोसॉफ्ट कंपनी

खबरों की मानें तो माइक्रोसॉफ्ट के द्वारा टिकटॉक को खरीदने के बाद अमेरिका के साथ-साथ कनाडा,ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में इस्तेमाल किया जाने वाला ऐप पर माइक्रोसॉफ्ट का अधिकार हो जाएगा।

आपकी जानकारी के लिए बताना चाहेंगे हाल ही में माइक्रोसॉफ़्ट द्वारा जारी किए गए एक स्टेटमेंट में कहा गया है – ‘माइक्रोसॉफ़्ट के सीईओ सत्य नडेला और प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत के बाद माइक्रोसॉफ़्ट अमेरिका में टिक टॉक को ख़रीदने के लिए बातचीत करने को तैयार है’

15 सितंबर तक हो जाएगा साफ

दरअसल, भारतीय मार्केट के साथ-साथ टिकटॉक अमेरिका में भी काफी लोकप्रिय होने लगी थी। सिक्योरिटी की वजह से इस ऐप को अमेरिका में बैन किया जा रहा है ऐसे में माइक्रोसॉफ्ट इस ऐप को खरीद कर सिक्योरिटी से जुड़े सभी समस्याओं को दूर करें लेगी।

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हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट ने यह भी बताया कि टिकटॉक की पैरंट कंपनी बाइट डांस से इस विषय में बातचीत की जा रही है। 15 सितंबर तक यह बातचीत पूरी कर ली जाएगी। ऐसे में हम अंदाजा लगा सकते हैं कि 15 सितंबर तक टिकटॉक से जुड़ी कुछ बड़ी खबर जानने को मिलेगी।

पहले भी टिकटोक को बेचने की हो रही थी बात

बताते चले भारत में टिकटॉक को बैन किए जाने के बाद खबरें आई थी टिकटॉक की पैरंट कंपनी बाइट डांस बेहद जल्द टिकटॉक को बेच देगी। उस समय यह अटकलें लगाई जा रही थी कि बाइट डांस टिकटॉक को किसी अमेरिकी कंपनी को दे सकती है।

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अब यह स्पष्ट हो चुका है कि टिकटॉक को खरीदने की सबसे ज्यादा संभावना माइक्रोसॉफ्ट की ओर से लग रही है।

चीन को डेटा देने के आरोप लगते आए है

जैसे कि आप जानते ही होंगे टिकटॉक को बैन करने के पीछे मुख्य कारण डेटा चोरी का ही था। दरअसल, टिकटॉक पर लगातार आरोप लग रहे थे कि चीन अलग-अलग देशों के यूजर के डेटा को चीन को सौंप देता है।

टिकटॉक समय-समय पर इस पर अपनी सफाई देता आया है। टिकटॉक ने यहां तक कहा था कि यूजर्स के डेटा चीन के सर्वर में नहीं बल्कि अन्य देशों के सर्वर में स्टोर किए जाते हैं।

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